कानपुर : उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस के कर्मचारी जिस वकील को सलाम करते थे, जिसके इशारे पर खाकी वर्दी वालों की ट्रांसफर-पोस्टिंग होती थी, उसका खेल कमिश्नर ने खत्म कर दिया। पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके भतीजे लवी मिश्रा को भाजपा नेता को फर्जी बलात्कार के मामले में फंसाने और मामले को निपटाने के लिए पैसे मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। डीसीपी साउथ ने बताया कि लंबी पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अखिलेश दुबे को भाजपा नेता रवि सतीजा की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया। भाजपा नेता रवि ने कहा कि अखिलेश दुबे ने उन्हें फर्जी बलात्कार के मामले में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठे थे।
आपको बता दें कि साल 2022 में रवि सतीजा के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य मामलों में कई मामले दर्ज किए गए थे। रवि का आरोप है कि ये सभी मामले अखिलेश दुबे के इशारे पर दर्ज किए गए थे। भाजपा नेता रवि सतीजा की शिकायत के बाद अखिलेश दुबे और उनके साथियों के खिलाफ बर्रा थाने में मामला दर्ज किया गया था। लेकिन, अखिलेश दुबे ने मामले की जांच दूसरे थाने से कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद भाजपा नेता रवि की शिकायत पर नौबस्ता थानाध्यक्ष जांच कर रहे थे। बुधवार दोपहर अखिलेश दुबे नौबस्ता थाने पहुंचे और उनसे काफी देर तक पूछताछ की गई। फिर अखिलेश दुबे और उनके भतीजे लवी को बर्रा थाने ले जाया गया।
जहां पुलिस ने दोनों से घंटों पूछताछ की। इसके बाद अखिलेश दुबे और उनके भतीजे लवी को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सांसद अशोक रावत के माध्यम से कानपुर पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखा गया था। पत्र के माध्यम से बताया गया था कि निर्दोष लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने के लिए एक संगठित गिरोह बनाया जा रहा है। इसके बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर ने 3 मार्च को एक टीम गठित की। इसमें मुख्य रूप से बर्रा निवासी रवि सतीजा की शिकायत पर काम किया गया।
पुलिस ने जब इस मामले की जांच की तो कोई सबूत नहीं मिला। इस पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया। इस पूरे मामले में रवि सतीजा से समझौता करने के लिए 50 लाख रुपये मांगे गए थे। इस मामले में पीड़ित पक्ष कभी पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ। दूसरी ओर, जब फर्जी मुकदमा दर्ज हुआ, तो रवि सतीजा ने बर्रा थाने में रंगदारी, जाली दस्तावेज और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें अखिलेश दुबे समेत कई अन्य को आरोपी बनाया गया। इस मामले में पुलिस ने अखिलेश दुबे और लवी को गिरफ्तार कर लिया।

